बिजनौर, अक्टूबर 16 -- Bijnor News: हनुमान की पूंछ में लगन न पाई आग। लंका सिगरी जल गई, गए निशाचर भाग॥ जैसी चौपाई के साथ रामलीला का मंचन किया गया। *इसका अर्थ है कि अभी हनुमान जी की पूंछ में ठीक से आग लगी भी नहीं थी कि लंका उससे पहले ही पूरी की पूरी सोने की लंका जलकर राख हो गई और सारे राक्षस (निशाचर) डरकर भाग गए। कैसी दारुण घड़ी, विपदा है बड़ी.... जैसी चौपाई और गीतों के साथ हुई लंका दहन और अक्षय कुमार वध की लीला में श्रद्धालु रोमांचित हो गए। हनुमान जी ने अशोक वटिका उजाड़ डाली। रावण दरबार में उनकी पूंछ में आग लगा दी तो उन्होंने लंका को जला दिया। श्रीराम जानकी कला परिषद के कलाकारों ने हरिओम सिंघल के निर्देशन में रामलीला में हनुमान अक्षय कुमार युद्ध व लंकादहन की लीला का मंचन किया गया। सुग्रीव के आदेश पर प्रभु श्रीराम की मुद्रिका लेकर हनुमान लंका क...