बिजनौर, अक्टूबर 27 -- Bijnor News: शराब तस्करी के नेटवर्क को इस तरह चलाया जा रहा था कि ट्रक लाने और ले जाने वाले चालक को भी शराब के असली मालिक की जानकारी नहीं थी। पूरा नेटवर्क फोन के जरिए संचालित होता था। चालक को चाबी लगा ट्रक खड़ा मिलता था। उसे ट्रक लेकर तय स्थान पर पहुंचना होता था और फिर चाबी सहित ट्रक छोड़कर वहां से चले जाना होता था। इस तरीके ने पुलिस को भी नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में उलझा दिया। शराब तस्करी के इस तरीके को देखकर इसकी तुलना फिल्म पुष्पा की तर्ज पर चलने वाले नेटवर्क से की जा रही है। जांच में सामने आया कि शराब का मालिक राहुल फोन के जरिए संपर्क में रहता था। ट्रक कहां से लेना है और कहां छोड़ना है, इसकी जानकारी चालक को दी जाती थी। चालक की भूमिका ट्रक को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने तक सीमित रहती थी। उसे शराब के वास्तविक म...