बिजनौर, सितम्बर 25 -- Bijnor News: मोहल्ला गुजरातियान स्थित शांतिनाथ मंदिर में शुक्रवार को नौ दिवसीय दशलक्षण विधान का समापन हुआ। अंतिम दिन उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की पूजा-अर्चना की गई। सुबह नित्य नियम पूजा व अभिषेक के बाद अनंत चतुर्दशी के उपलक्ष्य में पालकी यात्रा निकाली गई। यात्रा शांतिनाथ मंदिर से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर पहुंची। यहां श्रीजी का अभिषेक, पूजन और आरती की गई। इसके बाद पालकी यात्रा वापस शांतिनाथ मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। पालकी यात्रा में प्रथम इंद्र की बोली पंकज जैन तथा द्वितीय इंद्र की बोली परवीन जैन व अभिषेक जैन ने ली। कुबेर की बोली करुणानिधि जैन व हर्षित जैन ने और आरती की बोली निखिल जैन व आयुष जैन ने ली। यह भी पढ़ें- Kanpur News: पर्युषण पर्व: ब्रह्मचारी शरीर का नहीं, मन व कर्म स...