बिजनौर, जुलाई 2 -- Bijnor News: दो साल से ज्यादा होने पर भी करीब एक करोड़ की लागत से अधिक की लागत से लगा लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (एलएमओ ) प्लांट सफेद हाथी बना खड़ा है। इसके पीछे जरूरी पीसो लाइसेंस अभी तक न मिल पाने बड़ा कारण है। पीसो लाइसेंस सभी मानक पूरे होने पर ही मिलता है। इसमें अप्रूव्ड प्रोजेक्ट को दरकिनार कर बिछाई गई पाइप लाइन भी बड़ा कारण बताई जा रही है।

लाइसेंस प्रक्रिया मेडिकल कालेज से सम्बद्ध जिला अस्पताल में लगे एलएमओ के लिए पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी आर्गनाइजेशन (पीसो) लाइसेंस अभी तक मंजूर नहीं हुआ है। हालांकि इस दिशा में मेडिकल कालेज प्रशासन ने बचा हुआ जरूरी सिविल वर्क पूरा कर कदम बढ़ाए जरूर है। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक इसके बावजूद पीसो लाइसेंस मिलने की राह इतनी आसान नहीं है, क्योंकि कार्यदायी संस्था ने प्रोजेक्ट के अनुरू...