बिहारशरीफ, अक्टूबर 26 -- Biharsharif News: संकेतकों की तुलना में आंकड़ों की विश्वसनीयता और समानता जरूरी : प्रो. मिश्रा आयु संरचना का समायोजन किए बिना राज्यों की मृत्यु दर की तुलना गलत छोटे नमूनों के आंकड़ों से निष्कर्ष निकालने में बरतें सावधानी बहुआयामी गरीबी में वंचना की तीव्रता को भी मापना जरूरी विकास के संकेतक बताते हैं अधूरी तस्वीर, आंकड़ों की व्याख्या पर जोर विश्वास अंतराल की अनदेखी से सांख्यिकीय निष्कर्ष हो सकते हैं भ्रामक राजगीर, निज संवाददाता। विकास के संकेतकों की तुलना करते समय केवल आंकड़ों के आधार पर किसी क्षेत्र को बेहतर या कमजोर मान लेना सही नहीं है। आंकड़ों की विश्वसनीयता, तुलनीयता और संबंधित आबादी की परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी है। यह भी पढ़ें- Biharsharif News: संकेतकों की तुलना में आंकड़ों की विश्वसनीयता और समानता...