बिहारशरीफ, सितम्बर 4 -- Biharsharif News: दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनवाने के लिए अस्पताल पहुंचने वाले दिव्यांगों की मुश्किलें जांच से पहले ही शुरू हो जाती हैं। प्रमाणपत्र के लिए उन्हें चौथी मंजिल तक पहुंचना पड़ता है। खासकर दोनों पैरों से दिव्यांग और नेत्रहीन मरीजों के लिए यह सफर किसी चुनौती से कम नहीं है। लिफ्ट खराब रहने पर परिजन ही व्हीलचेयर को रैंप के सहारे खींचकर ऊपर ले जाने को मजबूर होते हैं। रैंप की चढ़ाई में व्हीलचेयर को ऊपर पहुंचाने में परिजनों के पसीने छूट जाते हैं। वहीं, नेत्रहीन मरीजों को भी परिजन हाथ पकड़कर या सहारा देकर ऊपर ले जाते हैं। अस्पताल में वार्ड बॉय की नियमित मदद नहीं मिलने से दिव्यांगों के साथ आने वाले परिजनों की परेशानी और बढ़ जाती है। यह भी पढ़ें- Biharsharif News: मॉडल अस्पताल : चौथी मंजिल पर फिजियोथेरैपी वार्ड, बुजु...