नई दिल्ली, मार्च 23 -- Bihar Board Intermediate topper success story: कहावत है कि यदि लगन सच्ची हो और मेहनत का अटूट इरादा, तो परिणाम हमेशा सुखद होता है। इस बात को सच कर दिखाया है सहरसा जिले के सिहौल गांव के एक साधारण परिवार के बेटे आदर्श कुमार झा ने। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा जारी इंटरमीडिएट (आर्ट्स स्ट्रीम) के परीक्षा परिणाम में आदर्श ने राज्य के 'टॉप थ्री' में जगह बनाकर न केवल अपने गांव, बल्कि पूरे जिले का मान बढ़ाया है।मजदूरी कर पिता ने संवारा बेटे का भविष्य आदर्श की यह सफलता किसी चमत्कार से कम नहीं है, क्योंकि इसके पीछे उनके पिता का वर्षों का कड़ा संघर्ष छिपा है। आदर्श के पिता, श्री रंजीत झा, हरियाणा में रहकर मजदूरी का काम करते हैं। परदेस में हाड़-तोड़ मेहनत कर वे जो पैसे भेजते थे, उसी से परिवार का भरण-पोषण और दोनों बेटों...