वरिष्ठ संवाददाता, जनवरी 14 -- बीएचयू में अब पीएचडी करने के लिए शोधार्थियों को लगभग तीन गुना फीस जमा करनी होगी। वार्षिक लगभग साढ़े चार हजार रुपये के स्थान पर सत्र 2024 से छात्रों को हर सेमेस्टर छह हजार रुपये का शुल्क जमा करना पड़ेगा। इस निर्णय से शोधछात्र तनाव में हैं। उन्होंने बीएचयू प्रशासन से इस निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की है। बीएचयू के 14 संकायों में कला, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान सहित अंतरविषयक शोध के लिए इस वर्ष 1789 सीटें निर्धारित हुई हैं। इस बीच पांच जनवरी के आदेश में सत्र 2024-25 से सभी शोधछात्रों से छह हजार रुपये प्रति सेमेस्टर शुल्क लेने के आदेश जारी किए गए हैं। इस शुल्क के अंतर्गत एक हजार रुपये एकेडमिक फीस, एक हजार रुपये विकास शुल्क और चार हजार रुपये परीक्षा शुल्क भी जमा करना होगा। छात्रों का कहना है कि पीएचडी में कोर्सवर्क...