नई दिल्ली, जुलाई 13 -- एक वक्त था जब यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने वाले नौजवानों का सबसे बड़ा सपना किसी तरह एमए या एमएससी की डिग्री हासिल करना होता था। तब इतिहास, राजनीति विज्ञान, या फिर फिजिक्स और केमिस्ट्री जैसे पारंपरिक विषयों का रुतबा ही कुछ और था। लेकिन अब हवा का रुख पूरी तरह से बदल चुका है। आज का युवा सिर्फ डिग्री के लिए कॉलेज नहीं जा रहा, बल्कि वह अपने मुस्तक़बिल को लेकर बेहद संजीदा है। बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) के पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) दाखिलों के ताजा आंकड़े इसी बदलती हुई हकीकत को बयां कर रहे हैं। अब तालीम का मतलब सिर्फ किताबें पढ़ना नहीं रह गया है, बल्कि एक ऐसा हुनर सीखना हो गया है जो सीधे रोजगार से जुड़ता हो।प्रोफेशनल कोर्सेज में हाउसफुल का बोर्ड छात्रों का रुझान अब रोजगारपरक और व्यावसायिक कोर्सेज की तरफ तेजी से बढ़ रहा है।...