भागलपुर, अक्टूबर 4 -- Bhagalpur News: कहरा, एक संवाददाता। पशुओं की नस्ल सुधार और दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए पशुपालकों ने ग्रामीण क्षेत्र में सामान्य सीमेन के साथ वर्गीकृत सीमेन उपलब्ध कराने की मांग की है। पशुपालकों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश लोग पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान के लिए ग्रामीण चिकित्सकों पर निर्भर हैं, लेकिन उनके पास सामान्य सीमेन ही उपलब्ध रहता है। शुपालकों ने बताया कि खेती में ट्रैक्टर का इस्तेमाल बढ़ने से बछड़े की उपयोगिता कम हुई है, जबकि बछिया की मांग और कीमत अधिक है। वर्गीकृत सीमेन के इस्तेमाल से अधिक संख्या में बछिया पैदा होने की संभावना रहती है। इससे पशुओं की नस्ल सुधार के साथ दूध उत्पादन बढ़ेगा और पशुपालकों की आय में भी वृद्धि हो सकती है। क्षेत्रीय पशुपालकों ने विभागीय अधिकारियों से सभी ग्रामीण चिकित्सकों को...