भागलपुर, जुलाई 15 -- Bhagalpur News: अवधेश झा की रिपोर्ट किशनगंज। निज संवाददाताप्रसव केवल एक सामान्य चिकित्सकीय प्रक्रिया नहीं, बल्कि ऐसा समय होता है जब कुछ मिनटों का निर्णय मां और नवजात दोनों के जीवन को सुरक्षित या संकटग्रस्त बना सकता है। जब प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव, प्रसव में रुकावट, गर्भस्थ शिशु की असामान्य स्थिति या उच्च रक्तचाप जैसी जटिलताएं सामने आती हैं, तब तत्काल सिजेरियन ऑपरेशन ही जीवन बचाने का सबसे प्रभावी विकल्प होता है। यदि ऐसे समय में अस्पताल में चौबीसों घंटे सिजेरियन सुविधा उपलब्ध न हो और गर्भवती महिला को दूसरे अस्पताल रेफर करना पड़े, तो उपचार में होने वाली देरी मातृ एवं नवजात मृत्यु का कारण बन सकती है। यह भी पढ़ें- बिहार के सभी 36 सदर अस्पतालों में अब रात में भी मिलेगा इमरजेंसी सेवा, इलाज के साथ जांच भी होगी इसी चुन...