भागलपुर, अक्टूबर 9 -- Bhagalpur News: अररिया फुलेन्द्र मल्लिक की रिपोर्ट महालया यानि सर्व पितृ या पितृ विसर्जनी अमावस्या। पितृ पक्ष की ये अमावस्या यूं तो पितरों को विदाई की तिथि है, लेकिन यह मां दुर्गा के आगमन की सूचक भी है क्योंकि पितरों के गमन के साथ ही नवरात्रि में मां दुर्गा का आगमन होता है। ऐसे में महालया अमावस्या को पितरों की विदाई व देवी भगवती के आगमन का संधिकाल माना जाता है, जिसमें पितरों के पूजन व तर्पण का विशेष महत्व है। इस बार यह अमावस्या आज यानी शनिवार को है। महालया या पितृ विसर्जन अमावस्या पितृ पक्ष में सबसे महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। यह भी पढ़ें- शारदीय नवरात्रि कलश स्थापना टाइम: 11 अक्टूबर को ये है घटस्थापना के प्रात:काल और अभिजित मुहूर्त मां खड्गेश्वरी महाकाली के साधक नानू बाबा बताते हैं कि इस दिन हम उन सभी पितरों को याद...