भदोही, सितम्बर 21 -- Bhadoni News: ज्ञानपुर, संवाददाता। क्षेत्र के रैमलपुर गांव में चल रहे श्रीमद़् भागवत कथा का सोमवार की शाम रसपान कर आस्थावान कृतार्थ हो उठे। कथा वाचक पंडित प्रमोद शास्त्री जी महराज ने कहा कि सत्य, तप, दान और धर्म यह चार पर्याय हैं।कहा कि दान उसे करें जिसको जरुरत हो। जरुरतमंद की सहायता करना ही वास्तविक दान है। जो हमारी दी हुई वस्तु का सदुपयोग करें वह सुपात्र है और जो हमारे दान का दुरुपयोग करे वह कुपात्र है और कुपात्र को दिया गया दान हमें नरक अर्थात दु:आ देता है। अत: हमें सदैव यह प्रयास करना चाहिए कि सुपात्र को ही दान करें। परिक्षित और कलियुग संवाद की कथा सुनाते हुए अपने वर्तमान समय के धर्म और अधर्म की वृहद व्याख्या की आपने कहा कि वह कार्य जिससे समाज का हित हो ,समाज की रक्षा हो समाज में एकता आए उसे धर्म कहेंगे और वह कार्...