भदोही, अक्टूबर 23 -- Bhadoni News: ज्ञानपुर, संवाददाता। मशरुम की खेती कर किसान बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं। कम जगह में झोपड़ी बनाकर इसकी खेती की जा सकती है। वर्ष भर में आयस्टर मशरूम की खेती आठ से नौ महीने तक की जा सकती है। ऑस्टर मशरूम का मुख्य रूप से पकोड़े, अचार, सब्जियां बनाकर लोग इस्तेमाल कर रहे हैं। मशरूम का अचार, पकोड़ा समेत सब्जियों की मांग होटलों-ढाबों में बढ़ती जा रही है। आयस्टर मशरुम की खेती किसी भी कच्चे या पक्के कमरे अथवा अस्थाई छप्पर-झोपड़ी बनाकर की जा सकती है। इसके लिए खेत की आवश्यकता नही होती है। बेरोजगार युवक भी मशरुम की खेती कर स्वरोजगार बन सकते हैं। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के वैज्ञानिक डॉ. आरपी चौधरी ने बताया कि सौ लीटर पानी में 125 मिली फॉर्मेलिन एवं सात ग्राम बावेस्टीन मिलाकर 12-14 किलो ग्राम गेहूं के भूसे को भिगोकर ढक कर र...