भभुआ, अक्टूबर 14 -- Bhabua News: जन्म के समय फेफड़ों में बचा हुआ तरल पदार्थ पूरी तरह बाहर न निकल पाने के कारण बच्चे तेज सांस लेने लगते हैं सर्दी-जुकाम, फ्लू, वायरस ऊपरी और निचली श्वसन नली को प्रभावित करते हैं सदर अस्पताल के एसएनसीयू और पीडियाट्रिक वार्ड में चल रहा है इलाज (पेज तीन की लीड खबर)

सांस की बीमारी से पीड़ित बच्चों का इलाजभभुआ, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। कैमूर के बच्चों में सांस की बीमारी बढ़ने लगी है। सांस रोग से पीड़ित 11 बच्चों को बुधवार को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से पांच नवजात एसएनसीयू और छह बच्चे पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती हैं। एसएनसीयू में भर्ती शिशु की उम्र 28 दिन और पीडियाट्रिक के मरीज की उम्र एक माह से 12 साल है। इतनी कम उम्र में बच्चों में सांस की बीमारी के कारणों के बारे में बाल रोग विशेषज्ञ से बातचीत की गई। ...