भभुआ, नवम्बर 7 -- Bhabua News: दस दिन पहले से शुरू हो जाती है मिट्टी के घरों की लिपाई-पुताई की तैयारी महिलाएं मिट्टी से संवारती हैं घर तो पुरुष जुटाते हैं त्योहार के लिए पैसे (पेज चार) अधौरा, एक संवाददाता। प्रखंड के आदिवासी बहुल गांवों के गांवों में दीपावली का त्योहार आज तक अपनी पारंपरिक पहचान और लोक संस्कृति के साथ मनाया जाता है। आधुनिकता की चकाचौंध और बिजली की रंगीन झालरों से दूर यहां मिट्टी के घरों में जलने वाले छोटे-छोटे दीये खुशियों की अलग ही रोशनी बिखेरते हैं। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद आदिवासी परिवार इस त्योहार को पूरे उत्साह और उमंग से मनाते हैं। इसकी तैयारी करीब दस दिन पहले से ही शुरू हो जाती है। यह भी पढ़ें- Ara News: बदलाव के बाद भी नहीं बदली दीपावली की परंपरा, मिट्टी के दीयों की लौ में आज भी बसती है आस्था अधौरा के रौता, एकडिहव...