भभुआ, अक्टूबर 12 -- Bhabua News: इंद्रिय संयम, दान और दया को बताया धर्म का आधार, चार आश्रमों के महत्व पर प्रकाश भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों को जीवन में अपनाने से ही मनुष्य का जीवन बनेगा सार्थक (पेज चार) भभुआ, नगर संवाददाता। सदर प्रखंड के परसियां में चल रहे चातुर्मास महायज्ञ के दौरान रविवार की शाम श्रीमद्भागवत कथा में श्री लक्ष्मीप्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज ने धर्म, सदाचार, दया, दान, इंद्रिय संयम और जीवन के चार आश्रमों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने श्रद्धालुओं को समझाया कि धर्म का अर्थ केवल पूजा-पाठ करना, धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होना या कथा सुनना नहीं है। धर्म का वास्तविक स्वरूप मनुष्य के विचार, आचरण और व्यवहार में दिखाई देना चाहिए। कथा सुनने के बाद भी यदि व्यक्ति के जीवन में कोई बदलाव नहीं आता और वह अपने व्यवहार में स...