बेगुसराय, जुलाई 20 -- Begusarai News: बेगूसराय, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। वर्तमान ही सार्वभौम है। इसके चिंतन से इतिहास जीवित होता है अन्यथा वह कब्र में पड़ा मुर्दा है। भविष्य कल्पना है उसे पूरा करने का दायित्व वर्तमान पर ही होता है। वर्तमान का चिंतन साहित्य है जो इतिहास को जिंदा और भविष्य को भरता है। चौखंडी में लेखक ने चिंतन से इतिहास को जीवित किया है। ये बातें पटना विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त प्रोफेसर मटुकनाथ चौधरी ने कहीं। यह भी पढ़ें- Begusarai News: चिंतन की प्राण प्रतिष्ठा के बिना इतिहास कब्रगाह: प्रो. मटुकनाथ पुस्तक विमोचन समारोह वे डॉ. भगवान प्रसाद सिन्हा की क्षेत्रीय इतिहास पर लिखित पुस्तक 'चौखंडी': (लाल मटिहानी: भुसारी का पेइचिंग) के विमोचन के अवसर केडीएम होटल के सार्वजनिक सभागार में आयोजित समारोह में बोल रहे थे। ग्रामीण जीवन, जनसं...