नई दिल्ली, जुलाई 5 -- BEd and DElEd Difference: अगर आपका सपना एक सरकारी या प्राइवेट स्कूल में शिक्षक बनकर देश के भविष्य को संवारने का है, तो यह खबर खास आपके लिए है। अक्सर छात्रों के मन में यह उलझन रहती है कि वे 12वीं या ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद बीएड करें या फिर डीएलएड। सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद अब शिक्षक बनने के नियम पूरी तरह बदल चुके हैं। अगर आप भी टीचिंग के क्षेत्र में कदम रखना चाहते हैं, तो इन दोनों कोर्सेज के बीच का अंतर और अपनी सही राह चुनना आपके लिए बेहद जरूरी है।क्या होता है B.Ed और D.El.Ed कोर्स? डीएलएड (D.El.Ed): इसे 'डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन' कहा जाता है। कई राज्यों में इसे बीटीसी या जेबीटी के नाम से भी जाना जाता है। यह 2 साल का एक डिप्लोमा कोर्स है, जिसे छात्र कक्षा 12वीं पास करने के बाद (न्यूनतम 50% अंकों ...