बरेली, अक्टूबर 4 -- Bareily News: प्रभात नगर स्थित श्री सोमनाथ मंदिर में बाबा महाकाल सेवा ट्रस्ट की ओर से हो रही श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन आचार्य रमाकांत दीक्षित ने श्रीकृष्ण-सुदामा मित्रता और राजा परीक्षित मोक्ष का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि सच्ची मित्रता में धन-दौलत नहीं, बल्कि प्रेम, सम्मान और समर्पण का महत्व होता है। कथा व्यास ने बताया कि सुदामा के द्वारका पहुंचने पर भगवान श्रीकृष्ण नंगे पैर उनसे मिलने दौड़े और उनके चरण पखारे। यह प्रसंग श्रद्धालुओं को भावुक कर गया। इसके बाद परीक्षित मोक्ष की कथा सुनाते हुए भागवत श्रवण के महत्व पर प्रकाश डाला। कथा समापन पर व्यास पीठ का पूजन हुआ। इसके बाद फूलों की होली में श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूम उठे। राधा-कृष्ण की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। इस अवसर पर प्रवीण अग्रवाल, सुदेश सक्सेना, अजीत ...