बरेली, सितम्बर 27 -- Bareily News: बरेली। आईडीए बरेली कैंट की ओर से शनिवार को ओरल कैंसर पर गोष्ठी आयोजित की गई। अमृता अस्पताल फरीदाबाद के हेड एंड नेक कैंसर विशेषज्ञ डॉ. शिखर साहनी ने ओरल कैंसर के कारण, शुरुआती लक्षण, बचाव और आधुनिक उपचार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तंबाकू, गुटखा, खैनी, जर्दा, धूम्रपान, सुपारी और पान इसके प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल हैं। तंबाकू या सुपारी का कोई भी रूप सुरक्षित नहीं है। डॉ. साहनी ने कहा कि मुंह में दो-तीन सप्ताह से अधिक समय तक छाला, सफेद या लाल दाग, गांठ, बिना कारण रक्तस्राव, दर्द या सुन्नपन, निगलने में परेशानी, मुंह खोलने में दिक्कत अथवा गर्दन में गांठ हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण होने पर दंत चिकित्सक या हेड एंड नेक विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।

उपचार के विकल्प उन्होंने बताया कि शु...