बरेली, अक्टूबर 25 -- Bareily News: विंडरमेयर ऑडिटोरियम में राजकमल प्रकाशन की ओर से आयोजित पांच दिवसीय किताब उत्सव के दूसरे दिन शनिवार को साहित्य, पत्रकारिता, थिएटर, इतिहास, स्मृति और दास्तानगोई से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम हुए। दिन की शुरुआत लेखक अमिताभ कुमार की बतकही से हुई। दिनभर चले संवादों में लेखन के सूत्रों से लेकर विभाजन की त्रासदी और क्रांतिकारी महिलाओं के योगदान तक पर चर्चा हुई। अमिताभ कुमार ने 'लेखक और उसका अपना परिवार' विषय पर कहा कि जिन लेखकों को वह स्कूल के दिनों में पढ़ते थे वे बाद में उनके साहित्यिक परिवार का हिस्सा बन गए। उन्होंने छोटे वाक्यों, सरल शब्दों और ठोस अनुभवों को लेखन में शामिल करने की सलाह दी। मीडिया विश्लेषक विनीत कुमार ने 'खबर कहां है' कार्यशाला में खबर और शोर के बीच अंतर समझाया। उन्होंने कहा कि किसी की मानवीय भ...