बरेली, अगस्त 27 -- Bareily News: बरेली, वरिष्ठ संवाददाता। गर्भवतियों को एनीमिया से बचाने और गर्भस्थ शिशु के बेहतर विकास के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से दी जाने वाली आयरन-फोलिक एसिड (आईएफए) टेबलेट कोर्स करीब 74 प्रतिशत गर्भवतियां बीच में ही छोड़ रही हैं। अप्रैल से 22 अगस्त तक जिले में एएनसी के लिए पंजीकृत 52412 गर्भवतियों में सिर्फ 13636 ने ही आईएफए टेबलेट का पूरा कोर्स किया है। यानी महज 26 फीसदी गर्भवतियां ही दवा का कोर्स पूरा कर सकीं, जबकि करीब 74 फीसदी यानी 38776 गर्भवतियों ने कोर्स पूरा नहीं किया। इस लापरवाही से एनीमिया के खिलाफ लड़ाई प्रभावित होने का अंदेशा है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एनीमिया मुक्त भारत अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां दी जाती हैं जो शरीर में खून की कमी दूर ...