बाराबंकी, अक्टूबर 12 -- Barabanki News: सूरतगंज, संवाददाता। सरयू की लहरें सिर्फ हेतमापुर के घर ही नहीं बहा ले गईं, बल्कि अपने साथ कई परिवारों की गृहस्थी भी बहा ले गईं। करीब एक माह से जारी कटान में करीब 78 मकान और लगभग एक हजार बीघा जमीन नदी में समा चुकी है। कल तक जिन घरों में चूल्हा जलते थे, बच्चों की हंसी ठिठोली गूंजती थीं और परिवार भविष्य के सपने संजोता था, आज वहां नदी की धारा बह रही है। किसी के पास सिर छिपाने की जगह नहीं बची तो किसी के हाथ से रोजगार छिन गया। अब बेबसी ऐसी है कि परिवारों के सामने तय करना मुश्किल हो गया है कि पहले छत का इंतजाम करें, चूल्हा जलाएं या बच्चों की पढ़ाई बचाएं...। इसी जद्दोजहद में कट रही है उनकी गुरबत की जिंदगी।

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