बाराबंकी, सितम्बर 23 -- Barabanki News: बाराबंकी। शहर व गांवों में शादी विवाह के साथ ही जागरण और जुलूस का दौर शुरू हो चुका है। इसके साथ ही अब डीजे पर बजने वाले कानफोड़ू गाने व संगीत भी लोगों के लिए मुसीबत बन गए हैं। हृदय रोगियों के लिए ध्वनि की तीव्रता कभी भी घातक साबित हो सकता है। लाउड स्पीकर और डीजे की शोरगुल में बोर्ड परीक्षार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। सितंबर से शुरू हो जाता है त्योहारों का दौर: सितंबर के शुरुआत होते ही त्योहारों का दौरान शुरू हो गया है। चार सितंबर को भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व मनाया गया। इसके बाद इनकी षष्ठी कार्यक्रम हुआ। इस दौरान लोगों ने जुलूस भी निकाला। इसके साथ ही 17 सितंबर को भगवान विश्वकर्मा की जयंती मनाई गई। इस दौरान डीजे पर जुलूस भी निकाले गए। तेज आवाज में बज रहे भक्ति भजनों पर श्रद्धालु थिरकते ...