बाराबंकी, सितम्बर 8 -- Barabanki News: बाराबंकी, संवाददाता। आलू की अगेती खेती करने वाले किसान बुवाई की तैयारियों को लेकर खाद की व्यवस्था करने में जुट गए हैं। निजी क्षेत्र से लेकर सहकारिता विभाग में डीएपी, एनपीके का पर्याप्त स्टॉक होने के दावों के बीच किसान समितियों पर भटक रहे हैं। खाद क्रय के नए मानक और सचिवों की कमी के चलते खाद की समस्याओं से किसान जूझने लगे हैं। लालमती व बांसमती धान कटते ही शुरू हो जाती है बुवाई: जिले में चार से पांच हजार हेक्टेयर पर जल्दी तैयार होने वाली धान की लालमती व बांसमती प्रजाति की फसल पकने लगी है। इसकी कटाई का कार्य सितंबर के आखिरी सप्ताह में शुरू हो जाएगी। मौसम ठीक रहा तो अक्टूबर के दूसरे सप्ताह से अगेती फसल के लिए आलू की बुवाई का कार्य किसान शुरू कर देते हैं। ऐसे में अगेती खेती करने वाले किसान डीपीएम, पोटाश व...