बांका, अक्टूबर 27 -- Banka News: बांका, नगर प्रतिनिधि। त्योहार आते ही मिठाइयों की दुकानों पर भीड़ बढ़ जाती है, लेकिन इसी भीड़ और बढ़ती मांग के बीच लोगों की सेहत से खिलवाड़ का खतरा भी मंडराने लगता है। बाजार में दूध, मावा, पनीर और छेना की मांग तीन से चार गुना तक बढ़ जाती है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है "आखिर इतनी बड़ी मात्रा में अतिरिक्त मावा और दुग्ध उत्पाद कहां से आते हैं और उनकी शुद्धता की जांच कौन करता है?" मांग बढ़ने के साथ मिलावटखोरी और जमाखोरी की आशंका भी गहराती है। मुनाफे की इस दौड़ में कहीं त्योहारों की मिठास लोगों की सेहत के लिए जहर तो नहीं बन रही? सुधा डेयरी के प्रबंध निदेशक डा. जितेन्द कुमार के मुताबिक, जिले में प्रतिदिन औसतन पांच हजार लीटर दूध की मांग है। वहीं, करीब दो लाख रुपये के अन्य दुग्ध उत्पादों की रोजाना बिक्री होती है। दू...