बांका, अगस्त 26 -- Banka News: बांका, नगर प्रतिनिधि। मौजूदा समय में खेत में ट्रैक्टरों की गड़गड़ाहट आधुनिक क़ृषि पद्धति की पहचान बन चुकी है।जिससे कुछ ही घंटों में बड़े खेत की जुताई पूरी हो जाती है। लेकिन आधुनिक खेती के इस दौर में भी जिले के कुछ खेत ऐसे हैं, जहां बैलों की चाल के साथ मिट्टी पलटती दिखाई देती है।मंगलवार को बांका थाना क्षेत्र के गोड़ा के किसान परमेश्वर यादव अपने खेत में बैलों की जोड़ी के साथ हल चलाते नजर आए।कीचड़ से सने खेत में बैलों के कदम बढ़ते रहे और हल के पीछे-पीछे किसान भी पसीना बहाते रहे। यह दृश्य बदलते खेती के तौर-तरीके के बीच पुरानी कृषि परंपरा की याद दिलाता रहा। यह भी पढ़ें- आधुनिक खेती के बीच आज भी पुराने किसानों को अपने हाल बल पर है भरोसा करीब डेढ़ दशक पहले तक जिले के गांवों में हल-बैल से खेत की जुताई आम बात थी। किसान...