बांका, अगस्त 9 -- Banka News: बांका, निज प्रतिनिधि। जिले में हरित आवरण व वन क्षेत्र का दायरा बढाने के लिए करोडों खर्च कर पौधरोपण किए जाते हैं, पर पौधों के संरक्षण व उसकी निगरानी शिफर है। यहां पिछले 10 साल में एक करोड से अधिक पौधे लगाए गए। लेकिन, धरातल पर जाकर पड़ताल करने पर इन सरकारी दावों की कलई खुल जाती है। संरक्षण और सिंचाई के अभाव में इनमें से 40 फीसदी पौधे नष्ट हो चुके हैं। यह भी पढ़ें- लगाये गये पौधे में 60 से 70 प्रतिशत सुरक्षितसरकारी अनियमितताएं हैरानी की बात यह है कि एक ही जिले में अलग-अलग विभागों द्वारा खरीदे जा रहे पौधों और उनके बचाव के लिए लगाए जा रहे गैबियन (सुरक्षा घेरे) की कीमतों में भारी अंतर है। सरकारी खजाने का मुंह खुला है। लेकिन, पेड़ों को जिंदा रखने की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। पौधरोपण की लागत को लेकर विभागों का अपना-अपन...