बांदा, सितम्बर 25 -- Banda News: बांदा। सिविल जज (जूनियर डिवीजन) मजिस्ट्रेट शुभांशु दास ने घरेलू हिंसा के एक मामले में फैसला सुनाते हुए विवाहिता का प्रार्थना पत्र पूरी तरह निरस्त कर दिया है। अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर पति को एक 'पढ़ा-लिखा और प्रगतिशील विचारधारा' का व्यक्ति माना, जिसने शादी के बाद भी पत्नी को आगे पढ़ाने और उसके नाम पर करोड़ों का मकान बनवाने में पूरा सहयोग किया। ऐसे में कोर्ट ने कहा कि केवल वैवाहिक नोक-झोंक या विचारों की असमानता को घरेलू हिंसा की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। मामला शहर के कालूकुआं आजाद नगर निवासी प्रीती राजन का है, जिनका विवाह 2009 में हमीरपुर निवासी राकेश कुमार श्रीवास वर्तमान निवासी प्रयागराज के साथ हुआ था। राकेश जूनियर हाई स्कूल में सहायक अध्यापक हैं। प्रीती ने पति और ससुराल वालों पर चार पहिया गाड़ी व ...