बांदा, अक्टूबर 9 -- Banda News: बांदा। जिले में बहादुर स्योढ़ा खदान को लेकर एनजीटी द्वारा की गई कार्रवाई के बाद एक बार फिर से अवैध खनन की चर्चा तेज हो गई है। मौरंग खनन पट्टों में शासन द्वारा निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार निगरानी के लिए कैमरे, इलेक्ट्रानिक कांटे और वाहनों की ट्रैकिंग जैसी व्यवस्थाएं होने के बावजूद अवैध खनन होता रहा है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के सामने आए तथ्यों ने जिले की खनन निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि बीते साल मई माह में ही जिला प्रशासन ने दस खंडों की जांच आठ करोड़ का भारी भरकम जुर्माना भी लगाया था। मामला गिरवां क्षेत्र के बहादुरपुर स्योढ़ा स्थित मौरंग खदान का है। एनजीटी में दाखिल आवेदन में अवैध खनन और पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन की शिकायत की गई थी। पांच अप्रैल 2026 को जांच के दौरान पट्टे के ...