बांदा, सितम्बर 17 -- Banda News: बांदा/चित्रकूट,हिटी। जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर की दूसरी मंजिल में कोविड काल में चार वेंटीलेटर कक्ष की व्यवस्था की थी। करोड़ों रुपये की मशीनें कोरोना खत्म होते ही पांच वर्ष से खुद कोमा में पहुंच गई हैं। मौके पर देखने से लगा कि वेंटीलेटर कक्षों का सालों से ताला ही नहीं खुला है। जिला अस्पताल में आने वाले गंभीर मरीजों को ऑक्सीजन सिलेंडर के जरिए कृत्रिम सांसे दी जाती हैं, ज्यादा सीरियस होने पर उन्हें कानपुर या रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है। आपके अपने हिन्दुस्तान अखबार ने गुरुवार को जिला अस्पताल में पड़ताल की तो जमकर लापरवाही देखने को मिली। ट्रामा सेंटर के वार्ड से लेकर हाल व गैलरी तक खचाखच मरीज भरे थे। कुछ गंभीर मरीजों को सिलेंडर से आक्सीजन दी जा रही थी तो कई कृत्रिम सांस के अभाव में अपने ...