वरिष्ठ संवाददाता, अक्टूबर 6 -- उत्तराखंड के प्राइवेट आयुष कॉलेजों में कथित अवैध दाखिलों का मामला एक बार फिर गरमा गया है। इस बार सवाल बाहर से नहीं, बल्कि आयुर्वेद विवि के कुलसचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल की ओर से ही शासन के सामने उठाए गए हैं। उन्होंने कार्मिक एवं सतर्कता विभाग को भेजी चिट्ठी में वर्ष 2018-19 से 2023-24 और वर्ष 2024 में निजी आयुष कॉलेजों में बीएएमएस, बीएचएमएस और बीयूएमएस में नियम विरुद्ध प्रवेश के आरोप लगाए। कुलसचिव ने अपने पत्र के साथ 100 से अधिक दस्तावेज शासन को भेजे। उन्होंने खुद को अतिरिक्त प्रभार से मुक्त करने की मांग भी की। करीब एक माह पहले भेजी गई यह गोपनीय चिट्ठी सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इस पत्र में कुलसचिव ने आरोप लगाया कि कई छात्रों को नीट, काउंसलिंग और आवश्यक योग्यता पूरी किए बगैर प्रवेश दिया गया। कुछ नि...