बलरामपुर, अक्टूबर 9 -- Balrampur News: श्रीदत्तगंज, संवाददाता। उतरौला नगर की रामलीला सिर्फ धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि सौ साल से अधिक पुरानी ऐसी परंपरा है, जिसने पीढ़ियों को अपनी आस्था व संस्कृति से जोड़े रखा है। वर्ष 1904 में संत बाबा जयकरन गिरि ने इसकी शुरुआत कराई थी। उस समय तत्कालीन शासक राजा मुमताज अली खां ने रामलीला मंचन के लिए भूमि उपलब्ध कराई थी। तभी से हर वर्ष रामलीला का मंचन नगर की पहचान बना हुआ है। इस बार भी रामलीला की तैयारियां तेज हो गई हैं। रामदरबार व रावण मंच की साफ-सफाई के साथ रंगाई-पोताई का काम शुरू कर दिया गया है। मैदान में उगी घास की सफाई कराई जा रही है, वहीं करीब 30 फुट ऊंचे रावण के पुतले के निर्माण की तैयारी भी शुरू हो गई है। यह भी पढ़ें- Mau News: चार सौ साल से कायम है गोंठा की रामलीला की गंगा-जमुनी तहजीबरामलीला का इ...