बलरामपुर, सितम्बर 26 -- Balrampur News: बलरामपुर। नेपाल सीमा से सटे बलरामपुर जिले की पहचान अभी तक मुख्य रूप से शक्तिपीठ देवीपाटन धाम और सोहेलवा के जंगलों तक सीमित रही है, लेकिन आने वाले समय में जिले का पर्यटन मानचित्र इससे कहीं बड़ा होने जा रहा है। धार्मिक आस्था, जंगल, प्राकृतिक जलाशय और थारू जनजाति की समृद्ध संस्कृति को एक ही पर्यटन परिपथ में जोड़कर बलरामपुर को इको-आध्यात्मिक पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर तैयार इस विजन में पर्यटन को केवल घूमने-फिरने तक सीमित न रखकर स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर है। स्वदेशी दर्शन 2.0 के तहत प्रस्तावित पर्यटन विकास योजना में शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर धाम, सोहेलवा वन्यजीव अभयारण्य, प्राकृतिक जलाशय चित्तौड़गढ़ और थारू...