बलिया, अक्टूबर 17 -- Balia News: बांसडीह, हिन्दुस्तान संवाद। इलाके के महाराजपुर गांव की अंतिम निशानी शनिवार को सरयू नदी में समाहित हो गयी। इसके बाद से लोगों के में दहशत और बढ़ गयी है। गांव की नाहर छपरा बस्ती के करीब पहुंचने को आतुर नदी के चलते लोग सुरक्षित जगहों पर पलायन कर रहे हैं। बस्ती के आधे से अधिक लोग घरेलू सामान के साथ बस्ती छोड़कर जा चुके हैं।सरयू नदी के जलस्तर में भले ही लगातार घटाव हो रहा है, लेकिन इसके बावजूद कटान की रफ्तार बढ़ चुकी है। इलाके के महाराजपुर गांव में स्थित महाराज बाबा का स्थान और वहां पर खड़ा पीपल का पुराना और विशाल पेड़ नदी में समाहित हो गया। यह भी पढ़ें- Balia News: नाहर छपरा के डेढ़ सौ आशियानों पर कटान का खतरा इसके बाद से गांव के नाहर छपरा बस्ती के लोगों की धड़कन और बढ़ गयी है। ग्रामीणों का कहना है कि स्थान को ...