बलिया, नवम्बर 1 -- Balia News: बलिया, संवाददाता। त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों में बढ़ रही मिलावटखोरी पर लगाम नहीं लग पाने की एक बड़ी वजह सैंपलिंग और जांच की प्रक्रिया में देरी है। जिले में एक भी प्रयोगशाला नहीं होने के चलते दुकानों या प्रतिष्ठानों पर छापेमारी के बाद मिलावट की संभावना के बीच खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम नमूना लेकर जांच के लिए लखनऊ या गोरखपुर भेजती है। उसकी रिपोर्ट आने में तीन से चार महीने तक लग जाते हैं। अबतक जिस खाद्य पदार्थ या मिठाई आदि का नमूना लिया गया होता है, वह बाजार में खप चुका होता है। बाद में रिपोर्ट आने पर पता चलता है कि वह सामग्री खाने योग्य नहीं थी। जबकि ग्राहक उसका उपभोग कर चुके होते हैं। यह भी पढ़ें- Mau News: मिलावट से जंग : जिले में प्रयोगशाला नहीं,मिलावट की जांच होती है बाहरजांच रिपोर्ट में देरी से बढ़ी...