बलिया, नवम्बर 1 -- Balia News: बलिया, संवाददाता। बेमौसम आंधी-पानी का असर सिर्फ खेती-किसानी तक ही नहीं बल्कि कुम्हारों के चाक पर भी पड़ा है। एक सप्ताह बाद यानि आठ नवम्बर को प्रकाश पर्व दीवाली का त्योहार है, लिहाजा वह दीया-दीयरी और खिलौनी आदि बनाना शुरू कर दिए थे, जब उन्हें अच्छी तरह से सुखाने और रंग-रोगन करने का समय आया तो चक्रवाती तूफान के कारण आंधी-पानी में मिट्टी के बनाए गए दीया-दीयरी को आंवा में पकाने के लिए डाले तो बारिश के कारण वह बुझ गया, जिससे उनका काफी नुकसान हुआ है।रसड़ा कस्बा निवासी अनिल प्रजापति ने बताया कि दीवाली पर काफी बिक्री होती थी, जिससे अच्छी आमदनी होती थी। यह भी पढ़ें- Balia News: 'अर्नब' के कहर से आर्थिक संकट में अन्नदाता मौसम की मार से इस बार सब किए-कराए पर पानी फिर गया है। तूफान थमने के बाद भी धूप नहीं निकल रही है, ज...