बलिया, अक्टूबर 17 -- Balia News: बलिया। नवरात्र में नवमी तिथि को हवन तथा कुमारी पूजन का विशेष महत्व शास्त्रों में वर्णित है। थम्हनपुरा निवासी आचार्य डॉ. अखिलेश उपाध्याय ने बताया कि इसके बिना व्रत का संकल्प पूर्ण नहीं माना जाता है। जो भक्त कुमारी कन्याओं को अन्न, वस्त्र व जल अर्पण करता है, उसका अन्न मेरु के समान और जल समुद्र के सदृश अक्षुण्ण तथा अनन्त होता है। मान्यता है कि जहां कन्याओं का पूजन होता है वह स्थान चार से पांच कोस तक पवित्र हो जाता है। यह भी पढ़ें- Kanya Pujan Mantra: अष्टमी-नवमी कन्या पूजन में कौन सा मंत्र बोलना चाहिए? यह भी पढ़ें- Kanya Pujan 2026: कन्या पूजन में ना करें ये गलतियां, अष्टमी-नवमी में रखें ध्यान यह भी पढ़ें- बिना लहसुन-प्याज! अष्टमी-नवमी भोग के लिए बनाएं आलू की सब्जी, भंडारे वाला स्वाद आएगा!

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