बलिया, अगस्त 11 -- Balia News: रानीगंज, हिन्दुस्तान संवाद। प्रकृति की विभीषिका जब अपना तांडव दिखाती है तो इंसान की बरसों की कमाई, उसकी उम्मीदें और सपने पलभर में धराशायी हो जाते हैं। सरयू नदी की उफनती लहरों ने एक बार फिर ऐसा ही खौफनाक मंजर दिखाया है। नदी के आगोश में समाए गोपालनगर टाड़ी गांव के वाशिंदों की दास्तान किसी भी संवेदनशील दिल को झकझोर देने के लिए काफी है। जिन लोगों के पास कभी अपने पक्के आशियाने थे, वे आज खेतों में प्लास्टिक के नीचे और फूस की झोपड़ियां डालकर जीने को मजबूर हैं। जिन परिवारों के सिर पर कभी छत हुआ करती थी, वे खुला आसमान के नीचे गुजर-बसर कर रहे हैं। सरयू नदी के भीषण कटाव ने एक-एक कर कई पक्के मकानों को अपनी आगोश में समेट लिया। देखते ही देखते ईंट-पत्थर और सीमेंट की दीवारें नदी के तेज बहाव में ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। अ...