बलिया, अक्टूबर 27 -- Balia News: बलिया, संवाददाता। मरीजों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के नाम करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद गांव का गरीब मरीज आज भी जुगाड़ के सहारे अस्पताल पहुंचने को मजबूर हैं। जनपद में संचालित 108 की सरकारी एम्बुलेंस से मरीज को मुफ्त में अस्पताल तक पहुंचने की मदद तो मिल जाती है लेकिन इलाज के बाद गंभीर मरीजों को घर लौटने का किराया काफी मंहगा पड़ता है। ऐसे में आए दिन ठेला- ई-रिक्शा, ट्रैक्टर- ट्राली और बैलगाड़ी जैसे वाहनों से मरीज ढोने के मामले सामने आते रहते है। मंगलवार को भी ऐसा ही एक नजारा जिला अस्पताल में देखने को मिला, जहां मरीज को एम्बुलेंस के मंहगे वापसी किराए को लेकर ई-रिक्शा में जुगाड़ के सहारे हास्पीटल पहुंचना पड़ा। ई'- रिक्शा की पिछली सीट पर लेटा मरीज अन्य तीमारदारों में चर्चा का विषय बना रहा।

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