बहराइच, अक्टूबर 30 -- Bahraich News: महसी , संवाददाता । महसी इलाके के कनेरा गांव में 2003 में धारदार हथियार व अवैध असलहे से किए गए प्राण घातक हमले के मामले में दोषियों को प्रोवेशन पर रिहा करने के फैसले पर नाराजगी जताते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने अपर सत्र न्यायाधीश द्वारा सुनाई गई सजा व जुर्माने को बरकरार रखा। बौंडी थाने के कनेरा गांव निवासी मुरारीलाल व उमेश कुमार पुत्र बद्री प्रसाद ने गांव के ही ओंकारनाथ चौरसिया से कारोबारी रंजिश के चलते उनकी दुकान के पास ही गल्ला की खरीद की दुकान खोली थी। प्रतिशोध में 27 मार्च 2003 को धारदार हथियार व अवैध असलहा से लैस पूर्व प्रधान ओंकारनाथ चौरसिया भाई शिवकुमार चौरसिया ने प्राण घातक हमला कर दिया। जिसमें मुरारी लाल गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें जिला चिकित्सालय बहराइच में भर्ती कराया गया हालत गंभीर होने पर ...