बहराइच, अगस्त 9 -- Bahraich News: नवाबगंज, संवाददाता। कस्बे से महज दो किमी दूर मंगली नाथ शिव मंदिर प्राचीन पांडव कालीन माना जाता है। मंदिर का इतिहास पांडवों के अज्ञातवास से जुड़ा है। कई वर्ष पूर्व यहां अन्टहवा गांव के चरवाहे एक पत्थर पर अपने खुरपे में धार लगा रहा था। तभी पत्थर से रक्त स्राव होने लगा खुदाई की तो वहां शिवलिंग निकला और लोग पूजा पाठ करने लगे। जंगल के झाड़ियों में शिवलिंग मिलने के बाद भक्तों ने यहांभव्य मंदिर का निर्माण कराया। आसपास के स्थलों की खुदाई करने पर लाखौरी ईंटों से बना प्राचीन कुंआ मंदिर के पूरब में एक बड़ा सरोवर मिला। मंदिर के आसपास जमीन की खुदाई में अज्ञातवास की तमाम सामग्री जैसे मिट्टी के बर्तन मूर्ति के अवशेष मिले। यह भी पढ़ें- Bahraich News: मंगली नाथ में भूमि से शिवलिंग का हुआ था प्राकट्य ऐसी मान्यता है कि यहां...