बागपत, सितम्बर 27 -- Bagpat News: बागपत। यदि आपके बच्चे को टाइफाइड है और उसका इलाज चल रहा है, तो एक बार जांच रिपोर्ट पर गौर कर लीजिए। कारण यह कि टाइफाइड के 70 फीसदी टेस्ट (जांच) सही नहीं ठहरे हैं। वहीं, ब्लड कल्चर में टाइफाइड पॉजिटिव आ रहा है। इन दिनों बच्चों में हाई ग्रेड फीवर के साथ टाइफाइड, निमोनिया और डायरिया चल रहा है। सरकारी अस्पतालों के बाल रोग विभाग भरे पड़े हैं। जबकि निजी अस्पतालों में भी बहुतायत में बच्चे भर्ती किए जा रहे हैं। अस्पताल मरीजों को भर्ती करके बिल बना रहे हैं। दरअसल दूरदराज क्षेत्रों के जनरल फिजीशियन टाइफाइड की जांच में 'विडाल टेस्ट' करा रहे हैं। यह टेस्ट पुराना हो चुका है और अब भरोसे योग्य नहीं है। इस जांच से पॉजिटिव पाए गए 70 फीसदी बच्चे 'ब्लड कल्चर' जांच में नेगेटिव आ रहे हैं। गलत इलाज किया जा रहा है। गंभीर होने पर...