बागपत, सितम्बर 9 -- Bagpat News: बड़ौत। कलेक्ट्रेट परिसर में ध्वस्त संरचना के नीचे मिला कुआं पुरातात्विक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इतिहासकार डॉ अमित राय जैन का कहना है कि प्रथम दृष्टया इसमें प्रयुक्त लखौरी ईंटों के आधार पर यह उत्तर-मुगलकालीन और करीब 250 से 300 वर्ष पुराना प्रतीत होता है। हालांकि, केवल ईंटों के आधार पर इसकी निश्चित तिथि तय करना उचित नहीं होगा। पुरातत्वविद् प्रो डॉ. अमित राय जैन (निदेशक शहजाद राय शोध संस्थान) का कहना है कि सहारनपुर क्षेत्र में हड़प्पा, ओसीपी, मौर्य, कुषाण, गुप्त, सल्तनत और मुगलकालीन प्रमाण मिले हैं। ऐसे में कुएं के नीचे या आसपास पुराने सांस्कृतिक स्तर अथवा किसी प्राचीन संरचना के अवशेष होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यह भी पढ़ें- अब मेरठ की शाही जामा मस्जिद पर सवाल, नीचे प्राचीन बौद्ध मठ होने का दाव...