बागपत, सितम्बर 6 -- Bagpat News: अजितनाथ सभागार में चल रहे आठ दिवसीय लोक कल्याण महामंडल विधान के सातवें दिन श्रद्धालुओं ने जिनेंद्र भगवान की अष्ट द्रव्यों से भक्तिपूर्वक पूजा-अर्चना की। आचार्य आर्जव सागर महाराज ससंघ सान्निध्य में चल रहे विधान में सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य मुकेश कुमार रूपल जैन को प्राप्त हुआ। ब्रह्मचारी गौरव भैया एवं ऋषिका दीदी के निर्देशन में सौधर्म इंद्र ने मंडल पर 27 अर्घ समर्पित किए। प्रवचन में आचार्य ने कहा कि अरिहंत परमेष्ठी के प्रति भक्ति केवल पूजा तक सीमित नहीं होनी चाहिए। भगवान की वीतरागता, निर्मलता और आत्मसाधना को जीवन में उतारना ही सच्ची अर्हद्भक्ति है। उन्होंने आचार्य भक्ति और बहुश्रुत भक्ति के माध्यम से गुरुजनों के प्रति विनय और जिनवाणी के विद्वानों के प्रति सम्मान की भावना रखने की प्रेरणा दी। विधान में महे...