बागपत, सितम्बर 24 -- Bagpat News: बड़ौत। दशलक्षण महापर्व के आठवें दिन आचार्य आर्जवसागर महाराज ससंघ के सानिध्य में जैन श्रद्धालुओं ने श्रीदसलक्षण महामंडल विधान की पूजन कर उत्तम त्याग धर्म अंगीकार किया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने शास्त्र दान कर त्याग धर्म को सार्थक किया। विज्ञानाचार्य ब्रह्मचारी गौरव भैया के निर्देशन में सौधर्म इंद्र अंकित जैन और नवीन जैन ने विधि-विधान से जिनेंद्र भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा की। नित्य नियम पूजन में देव-शास्त्र-गुरु, सोलहकरण, रत्नत्रय, दसलक्षण धर्म और आचार्य श्री की पूजन की गई। सौधर्म इंद्र ने मंडल पर 24 अघ्र्य समर्पित किए। प्रवचन में आचार्य आर्जव सागर महाराज ने कहा कि त्याग के माध्यम से जीवन की उन्नति और विकास होता है। जब तक पर वस्तु से संबंध बना रहता है, तब तक धर्म को पूर्ण रूप से ग्रहण करना कठिन है। विधान...