बागपत, अगस्त 23 -- Bagpat News: बड़ौत। श्री नीलकंठ महादेव प्राचीन मंदिर में चल रही महाशिवपुराण कथा के दौरान रविवार को भगवान गणेश और कार्तिकेय के जन्म प्रसंग का श्रद्धापूर्वक गुणगान किया गया। कथावाचक आचार्य अनुज दीक्षित ने कहा कि भगवान गणेश को प्रथम पूज्य और बुद्धि-विवेक के देवता माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य से पहले भगवान गणेश की पूजा करने की परंपरा है। वहीं भगवान कार्तिकेय शक्ति, साहस, पराक्रम और विजय के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि भगवान गणेश और कार्तिकेय के जीवन प्रसंगों से श्रद्धालुओं को माता-पिता के प्रति सम्मान, कर्तव्यनिष्ठा, संयम और सदाचार की प्रेरणा मिलती है। कथा के दौरान भगवान शिव और माता पार्वती के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा। श्रद्धालु भजनों पर भावविभोर होकर झूमते नजर आए।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टें...