बागपत, अक्टूबर 20 -- Bagpat News: बड़ौत। कस्बे के सदा शिव मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक पंडित शैलेश भारद्वाज ने भक्त प्रहलाद का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि असुरराज हिरण्यकशिपु और रानी कयाधु के पुत्र प्रहलाद बचपन से ही भगवान विष्णु के परम भक्त थे। पिता के लाख प्रयासों और धमकियों के बावजूद उन्होंने भगवान विष्णु की भक्ति नहीं छोड़ी। कथावाचक ने बताया कि हिरण्यकशिपु ने प्रहलाद को मारने के लिए अनेक अत्याचार किए। उन्हें पहाड़ से फेंकवाया, हाथियों से कुचलवाने और विष देने का प्रयास किया। इसके बाद अपनी बहन होलिका की गोद में बैठाकर अग्नि में जलाने की कोशिश की, लेकिन भगवान विष्णु की कृपा से प्रहलाद सुरक्षित रहे और होलिका जलकर भस्म हो गई। हिरण्यकशिपु की मृत्यु के बाद प्रहलाद असुरों के राजा बने और धर्म व प्रेम के साथ शासन किया। इस प्र...