बागपत, जुलाई 18 -- Bagpat News: बागपत। खेकड़ा में खूनी रंजिश को याद कर आज भी लोग सिहर उठते हैं, लेकिन इसी रंजिश के बीच एक बिटियां ने अपने सपनों को नहीं टूटने दिया। दोहरे हत्याकांड के मामले में पिता और चाचा के जेल जाने के बाद भी बिटियां ने पढ़ाई पर आंच नहीं आने दी। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा बेहतर अंकों के साथ पास करने के बाद उसने डॉक्टर बनने का सपना देखा। बिटिया ने नीट परीक्षा पास कर 4543वीं रैंक प्राप्त कर नाम रोशन किया है। दरअसल, खेकड़ा में चुनावी रंजिश की शुरूआत वर्ष 2009 में हुई थी। बदमाशों ने खेकड़ा चेयरमैन हरेंद्र सिंह धामा की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड में कस्बे के कई लोग जेल गए थे, जबकि कई शूटरों का एनकाउंटर हुआ था। चेयरमैन की हत्या के बाद 8 जुलाई 2010 को खेकड़ा के रामपाल धामा व उनके भाई की गोलियां बरसाकर हत्या की ...